PROMOTION AND REGULATION OF ONLINE GAMING BILL, 2025 in HINDI
No: -- Dated: Aug, 21 2025
PROMOTION AND REGULATION OF ONLINE GAMING BILL, 2025 in HINDI
ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025
ई-स्पोर्ट्स, शैक्षिक खेल और सामाजिक खेल सहित ऑनलाइन खेल क्षेत्र की अभिवृद्धि और विनियमन करने; इस क्षेत्र के समन्वित नीति समर्थन, सामरिक विकास और विनियामक निरीक्षण के लिए एक प्राधिकरण की स्थापना का उपबंध करने; किसी कंप्यूटर संसाधन, मोबाइल डिवाइस या इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन धन खेल के प्रस्ताव, प्रचालन, सरलीकरण, विज्ञापन, प्रचार और भागीदारी को प्रतिषिध करने, विशेषकर जहां ऐसे क्रियाकलाप राज्य की सीमाओं के पार या विदेशी अधिकारिता से प्रचालित होते हैं, ऐसे खेलों के प्रतिकूल सामाजिक, आर्थिक, मनोवैज्ञानिक और गोपनीयता संबंधी प्रभावों से व्यक्तियों, विशेष रूप से युवाओं और आबादी के कमजोर वर्गों की रक्षा करने, डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उत्तरदायी उपयोग को सुनिश्चित करने; लोक व्यवस्था बनाए रखने और लोक स्वास्थ्य की रक्षा करने, वित्तीय प्रणालियों की अखंडता और राज्य की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करने; लोकहित में राष्ट्रीय स्तर का समान विधिक ढांचा स्थापित करने और इससे संसक्त या इसके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिए विधेयक -
ऑनलाइन खेल क्षेत्र, डिजिटल और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के अत्यंत गतिशील और तीव्रतम अभिवृद्धि क्षेत्रों में से त्वरित गति से विकसित हुआ है जो नवाचार, संज्ञानात्मक विकास, रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नति और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है;
और भारत के पास तकनीकी क्षमताओं वाले युवा वृतिकों का एक वृहत् और बढ़ता हुआ समूह तथा तेजी से विस्तारित होता हुआ घरेलू बाजार है, जो मिलकर देश को वैश्विक ऑनलाइन खेल मूल्य श्रृंखला में नेतृत्व की भूमिका निभाने में सक्षम बनाते हैं;
और ऑनलाइन खेल पारिस्थितिकी तंत्र में ई-स्पोर्ट्स, आकस्मिक और सामाजिक खेल, शैक्षिक खेल और ऑनलाइन धन खेल सहित अनेक खंड सम्मिलित हैं, और वर्तमान में सामरिक समन्वय, क्षमता निर्माण, सामान्य अवसंरचना, अनुसंधान और उत्तरदायी नवाचार के लिए आवश्यक समर्पित संस्थागत और विधिक ढांचे की अनुपस्थिति में प्रचालित है;
और संगत और सक्षम विधिक ढांचे के अभाव ने क्षेत्र के संरचित विकास और उत्तरदायी खेल प्रथाओं की अभिवृद्धि में बाधा उत्पन्न की है, जिसके लिए तत्काल नीतिगत हस्तक्षेप और समर्थन तंत्र की अपेक्षा है;
और ऑनलाइन धन खेल की समानांतर संवृद्धि, मोबाइल फोन, कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से सुगम्य है और उपयोगक्ता निक्षेप के विरुद्ध धनीय प्रत्यागम का प्रस्ताव, विशेषकर युवाओं और आर्थिक रूप से वंचित समूहों के गंभीर सामाजिक, वित्तीय, मनोवैज्ञानिक और लोक स्वास्थ्य नुकसान का कारण बना है;
और ऐसे खेल अक्सर छलपूर्ण परिकल्पना विशिष्टताओं, व्यसनकारी एल्गोरिदम, बॉट्स और अप्रकटित अभिकर्ताओं का उपयोग करते हैं, जो निष्पक्षता, पारदर्शिता और उपयोक्ता संरक्षण को जर्जर करते हैं, और बाध्यकारी व्यवहार को बढ़ावा देते हैं जिससे वित्तीय बर्बादी होती है;
और ऑनलाइन खेल प्रणाली का प्रस्ताव करने वाले मंचों द्वारा अक्सर व्यापक विज्ञापन अभियानों के माध्यम से आक्रामक रूप से विपणन किया जाता है, जिसमें सेलिब्रिटी और प्रभावशाली समर्थन सम्मिलित है, जिससे विशेषकर युवाओं और कमजोर समूहों के बीच उनकी पहुंच और प्रभाव बढ़ जाता है;
और ऑनलाइन धन खेल सेवाओं का अनियंत्रित विस्तार वितीय कपट, धन शोधन कर अपवंचन और कुछ मामलों में आतंकवाद के वित्तपोषण सहित विधिविरुद्धः क्रियाकलापों से संसक्त है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा, लोक व्यवस्था और राज्य की अखंडता को संकट उत्पन्न होता है;
और ऑनलाइन धन खेल के व्यक्तियों, कुटुंब, समाज और राष्ट्र पर हानिकारक और नकारात्मक प्रभाव को तथा ऑनलाइन धन खेल के लिए प्रयुक्त इलैक्ट्रानिक माध्यम की प्रकृति, प्रयुक्त एल्गोरिदम और इसमें सम्मिलित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क सहित तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए;
और ऐसी कई सेवाएं घरेलू विधियों को दरकिनार, राज्य स्तरीय विनियमों को कमजोर करते हुए, अपतटीय अधिकारिताओं में प्रचालित होती हैं, और अतिरिक्त राज्य क्षेत्रातीत और अंतर्राज्यीय विसंगतियों के निबंधनों में महत्वपूर्ण प्रवर्तन चुनौतियां पेश करती हैं;
और लोकहित में यह समीचीन है कि संघ सरकार ऑनलाइन खेल क्षेत्र पर विधायी सक्षमता अपने हाथ में ले जिससे लोक स्वास्थ्य, उपभोक्ता सुरक्षा, लोक नैतिकता और वित्तीय संप्रभुता से जुड़े जोखिमों का समाधान करते हुए एक सुरक्षित, संरचित और नवाचार अनुकूल डिजिटल वातावरण का सृजन सुनिश्चित किया जा सके;
और ऑनलाइन खेल के भिन्न-भिन्न रूपों को स्पष्ट रूप से चित्रित और वर्गीकृत करना और उद्योग के प्रत्येक उपक्षेत्र को उचित रूप से शासित करने के लिए एक अनुरूप विधिक ढांचे का उपबंध करना आवश्यक है;
भारत गणराज्य के छिहतरवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
