No: 26 Dated: Aug, 15 1949

UNITED PROVINCES PANCHAYAT RAJ ACT, 1947

संयुक्त प्रान्त पंचायत राज अधिनियम, 1947

-: अधिनियम :-
1--(1) यह संयुक्त प्रान्त पंचायत राज अधिनियम, 1947 कहलायेगा।
(2) यह, विस्तार उत्तर प्रदेश में होगा, सिवाय उस क्षेत्र के उत्तर प्रदेश नगर महापालिका अधिनियम, 1959 के उपबंधों के अधीन नगर अथवा जो संयुक्त प्रान्त म्यूनिसीपैलिटी ऐक्ट, 1916 के उपबंधों के अधीन म्यूनिसीपैलिटी या नोटिफाइड एरिया अथवा कैन्टोनमेन्टस ऐक्ट, 1924 के उपबंधों के अधीन कैन्टोनमेन्टस अथवा संयुक्त प्रांत टाउन एरियाज ऐक्ट, 1914 के उपबंधो के अधीन टाउन एरिया के रूप में घोषित किया जा चुका हो या उसमें सम्मिलित है या एतदपश्चात् घोषित या सम्मिलित किया जाये।
(3) यह तुरन्त प्रवृत्त होगा।
2--जब तक विषय या प्रसंग में कोई बात विरूद्ध न हो, इस अधिनियम में --
(क) "न्याय पंचायत" का तात्पर्य धारा 42 के अधीन स्थापित न्याय पंचायत से है और इसके अन्तर्गत इसकी न्यायपीठ से है ;
(ख) “वयस्क" का तात्पर्य उस व्यक्ति से है, जिसने इक्कीस वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो;
(ख ख) पिछड़े वर्गों का तात्पर्य उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 की अनुसूची एक में विनिर्दिष्ट नागरिकों के पिछड़े वर्गों से है;
(ग) ‘'आपराधिक वाद" का तात्पर्य न्याय पंचायत द्वारा विचारणीय किसी अपराध के संबंध में दांडिक कार्यवाही से है और इसके अन्तर्गत धारा 53 के अन्तर्गत कोई कार्यवाही भी है;
(घ) “सर्किल" का तात्पर्य उस सर्किल से है जिसके भीतर कोई न्याय पंचायत धारा 42 के अधीन अधिकारिता का प्रयोग करती हो;
(ङ) किसी ग्राम सभा के अभिदेश में “कलेक्टर" अथवा "जिला मजिस्ट्रेट" या "सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट" का तात्पर्य यथास्थिति उस जिले के या उस सब डिवीजन मजिस्ट्रेट' से है, जिसमें ऐसी ग्राम सभा} संघटित हो और उसके अन्तर्गत क्रमशः अतिरिक्त कलेक्टर, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट भी होगें;
(च) “जिला पंचायत” का वही तात्पर्य होगा, जो उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा 2 के खण्ड (ii) के अधीन इसके लिये दिया गया हो;

 

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