Posted on 20 Nov, 2018 6:16 pm

 

प्रदेश में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिये केन्द्र सरकार के सहयोग से 94 लाख 68 हजार मेडिकेटेड मच्छरदानियों का वितरण किया जायेगा। मेडिकेटेड मच्छरदानियाँ वितरण के लिये 9 नोडल पाइंट भोपाल, बैतूल, धार, रतलाम, ग्वालियर, गुना, शहडोल, सिवनी और पन्ना में पहुँचाई जा रही हैं। इन पाइंटों से उक्त मच्छरदानियाँ विकासखण्ड स्तर तक पहुँचाये जाने की व्यवस्था की जा रही है।

संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ डॉ. बी.एन. चौहान ने जानकारी दी कि प्रदेश में मेडिकेटेड मच्छरदानियों के प्रदाय का प्रारंभ 24 अक्टूबर से शुरू हो गया था। भोपाल संभाग में वितरण का कार्य 27 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 29 नवम्बर तक करीब 6 लाख 12 हजार मच्छरदानियाँ प्रदाय की गई हैं।

केन्द्र सरकार के सेंट्रल मेडिकल सर्विसेस सोसायटी के महाप्रबंधक डॉ. राजेश बजाज ने बताया कि नोडल पाइंट तक समस्त मच्छरदानियों के पहुँचने पर उनकी गुणवत्ता की जाँच रेण्डम तरीके से की जायेगी। यह जाँच राष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशाला में होगी। मानक स्तर की रिपोर्ट मिलने पर ही इन मेडिकेटेड मच्छरदानियों को उपयोगकर्ताओं को वितरित किया जायेगा।

प्रदेश में बनाये गये 9 नोडल पाइंट में से 4 नोडल पाइंट रतलाम, धार, गुना एवं बैतूल में मच्छरदानी प्रदायगी का काम पूरा कर लिया गया है। चार नोडल पाइंट में 72 नग मेडिकेटेड मच्छरदानी गुणवत्ता परीक्षण के लिये परीक्षणशाला में प्रेषित की जा चुकी हैं। शेष 5 नोडल पाइंट में मच्छरदानी के गुणवत्ता परीक्षण के लिये नमूने लिये जा रहे हैं। गुणवत्ता परीक्षण में औसतन रूप से 15 से 20 दिन का समय लगता है। मानक स्तर की रिपोर्ट मिलने पर इनका वितरण उपयोगकर्ताओं के बीच किये जाने की व्यवस्था की जायेगी। मेडिकेटेड मच्छरदानी का उपयोग औसत रूप से 5 वर्ष तक किया जा सकता है।

साभार – जनसम्पर्क विभाग मध्यप्रदेश​​

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