Posted on 23 May, 2016 11:22 am

मध्यप्रदेश के नव-निर्माण में साधु-संतों का आशीर्वाद मिलता रहे

साधु-संतों का आशीर्वाद पाकर अभिभूत हूँ, गदगद हूँ
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने साधु-सन्तों का अभिनन्दन कर जताया आभार 

भोपाल : सोमवार, मई 23, 2016, 22:28 IST 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के नव-निर्माण के अभियान में साधु-संतों का आशीर्वाद सदैव बना रहे। साधु-संतों का आशीर्वाद पाकर मैं अभिभूत हूँ, गदगद हूँ। मध्यप्रदेश की धरा पर महाकाल की नगरी में ऐसे संत विराजे हैं, मन करता है कि वे मध्यप्रदेश छोड़कर कभी नहीं जाएँ। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज उज्जैन में सिंहस्थ के सफल आयोजन के बाद सिंहस्थ में आये सभी तेरह अखाड़ों के साधु-संतों, श्री-महंतों का अभिनंदन कर आभार व्यक्त कर रहे थे।

निरंजनी अखाड़े की छावनी में इस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि मंच पर विराजे श्रेष्ठ संतजन, योगियों का सारा जीवन सनातन धर्म की रक्षा एवं धर्मध्वजा को धारण करने के लिये समर्पित है। उनके चरणों में प्रणाम। उन्होंने कहा कि वे तपस्या के भाव से काम कर रहें हैं, सिंहस्थ सानन्द सम्पन्न हुआ है। बाबा महाकाल की कृपा और संतों के आशीर्वाद से प्रदेश के विकास की कामना के साथ अन्तरात्मा से श्रेष्ठतम करने का प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा के दोनों तट पर फलदार पेड़ लगाने का अभियान चलाया जायेगा। क्षिप्रा के दोनों तट पर भी फलदार पेड़ लगाने का व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम होगा। इस कार्य में साधु-संतों की भी भागीदारी होगी। उन्होंने साधु-सन्तों से इस अभियान में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री नरेंद्रगिरिजी ने कहा कि श्री शिवराजसिंह चौहान ने सन्तों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। पूरे विश्व को सिंहस्थ के माध्यम से यह सन्देश गया कि यहाँ सम्प्रदाय के नाम पर लड़ाई नहीं होती, इसीलिये सभी अखाड़ों ने मिलकर एकसाथ स्नान किया है। भारत की अखंडता एवं एकता के प्रदर्शन में सिंहस्थ की अहम भूमिका रही है। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार, जनता और सभी अधिकारी-कर्मचारियों का आभार जताया कि उन्होंने साधु-सन्तों की खूब सेवा की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी तेरह अखाड़ों के पदाधिकारियों, श्री-महन्तों, महन्तों को शाल, श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह भेंटकर उनका अभिनन्दन किया, आशीर्वाद लिया और सिंहस्थ की सफलता में दिये गये योगदान के लिये आभार जताया। श्री नरेंद्रगिरिजी, महामंत्री श्री हरिगिरिजी एवं सभी अखाड़ा के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री श्री चौहान का पुष्पहार पहनाकर, शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने सिंहस्थ में सेवाएँ देने वाले प्रभारी मंत्री श्री भूपेन्द्रसिंह, मंत्री श्री पारस जैन, केन्द्रीय सिंहस्थ समिति अध्यक्ष श्री माखनसिंह, महापौर श्रीमती मीना जोनवाल, संभागायुक्त डॉ.रवीन्द्र पस्तोर, एडीजीपी श्री व्ही.मधुकुमार, डीआईजी श्री राकेश गुप्ता, कलेक्टर श्री कवीन्द्र कियावत, पुलिस अधीक्षक श्री मनोहरसिंह वर्मा, मेला अधिकारी श्री अविनाश लवानिया, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रूचिका चौहान, आयुक्त इन्दौर नगर निगम श्री मनीष सिंह, अपर आयुक्त श्री आशीष सिंह सहित सभी झोनल मजिस्ट्रेट, पुलिस झोनल अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों को पुष्पहार पहनाकर एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

साधु-सन्तों को चाँदी की थाली में मुख्यमंत्री ने परोसे पकवान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार द्वारा आयोजित साधु-सन्तों के विदाई समारोह में सभी अखाड़ों के साधु-सन्तों, श्री-महन्तों को आत्मीय भावभीनी बिदाई देने के बाद सहभोज में चाँदी की थाली में भोजन परोसा। मुख्यमंत्री ने धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह एवं दोनों पुत्रों के साथ सहभोज में शामिल होकर भोजन प्रसादी ग्रहण की। प्रभारी मंत्री भूपेन्द्रसिंह ने भी सपत्नीक सहभोज में भाग लिया। सहभोज में सभी तेरह अखाड़ों के पदाधिकारी, श्री-महन्त एवं साधु-सन्त भी शामिल हुए।

जगदीश मालवीय

साभार – जनसम्पर्क विभाग मध्यप्रदेश 

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