जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट यूनिट से सालाना मुनाफा हुआ 5 लाख

Posted on 11 Jul, 2018 5:32 pm

अड़तालीस वर्षीय प्रगतिशील कृषक घनश्याम कुशवाह जैविक खाद एवं जैविक उत्पाद विक्रय के लिये शिवपुरी जिले में ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी पहचाने जाते हैं। घनश्याम ताजी जैविक सब्जियों को शिवपुरी, डबरा एवं टेकनपुर में स्वयं एवं अन्य सहयोगी विक्रेताओं के माध्यम से बेचते हैं। ग्राहक इनकी सब्जियाँ ज्यादा मूल्य में भी हाथों-हाथ खरीद लेते हैं। कृषक घनश्याम की सफलता से प्रमाणित है कि रासायनिक उर्वरकों की अपेक्षा जैविक खाद के कृषि उत्पादों के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। इन उत्पादों का शरीर पर दुष्प्रभाव नहीं होता और दाम भी दोगुना मिले हैं।

प्रगतिशील किसान घनश्याम के पास मात्र तीन हेक्टेयर कृषि भूमि और 14 गाय हैं। जैविक खेती अपनाकर यह कृषक खरीफ में धान, मूंगफली, अरहर तथा रबी में गेहूँ, सरसों, चना के साथ-साथ टमाटर, मूली, पालक, पत्तागोभी, सेम, ककड़ी, खीरा, तोरई, बैंगन तथा भिण्डी आदि और गर्मी की मूंग का अच्छा उत्पादन ले रहा है।

कृषक घनश्याम ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से 50 प्रतिशत अनुदान लेकर 1200 वर्गफुट में वर्मी कम्पोस्ट इकाई बनाई है। इसके लिये विधिवत रूप से कृषि विज्ञान केन्द्र, शिवपुरी के माध्यम से कौशल विकास योजना के अंतर्गत केंचुआ-पालन एवं केंचुआ खाद बनाने का 90 घंटे का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। जैविक खेती से प्रति वर्ष तीन लाख रुपये शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। इसके साथ ही, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट में 50 हजार रुपये की लागत लगाकर दो से ढाई लाख रुपये शुद्ध मुनाफा कमाते हैं। घनश्याम फसल एवं सब्जियों के उत्पादन में वर्मी कम्पोस्ट, वर्मीवास तथा पौध-संरक्षण के लिये नीम का तेल एवं अन्य जैविक सामग्री जैसे वेस्ट डीकम्पोजर आदि का उपयोग करते हैं। इनसे कोई भी व्यक्ति इनके मोबाइल नम्बर 9752370436 पर सम्पर्क कर इनकी सफलता का राज जान सकता है।

सक्सेस स्टोरी (शिवपुरी)

साभार – जनसम्पर्क विभाग मध्यप्रदेश