Posted on 22 Feb, 2024 4:51 pm

कुपोषण एक कुचक्र की तरह होता है। बच्चे हों या बड़े, शारीरिक व्याधियों और पौष्टिक आहार की कमी के चलते कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। सिवनी जिले के घंसौर ब्लॉक के तिन्दुआ गांव का आदित्य झारिया भी पौष्टिक भोजन के अभाव में कुपोषित हो गया था। एक वर्ष के आदित्य का जब वज़न लिया गया, तो वह मात्र 8 किलो 200 ग्राम का था। उसकी माँ के लिये यह बड़ी चिंता की बात थी। एक माँ की चिंता का निवारण किया महिला बाल विकास विभाग ने। पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती होने के बाद आदित्य अब पूर्णत: स्वस्थ होकर एक सामान्य बच्चे की तरह जीवन में आगे बढ़ रहा है। आदित्य की मां आजकल सरकार की इस अनोखी योजना की बारे में सबको बताती रहती हैं।

आदित्य के कुपोषित होने की जानकारी मिलते ही महिला बाल विकास विभाग के मैदानी अमले ने परिजनों को राजी कर आदित्य को सिवनी के जिला पोषण एवं पुर्नवास केन्द्र (एनआरसी) में 14 दिन के लिये तत्काल भर्ती करा दिया। यहां उसकी दिन-रात देखभाल की गई। मेहनत रंग लाई और 14 दिनों में ही आदित्य का वजन 8 किलो से बढ़कर 11 किलो हो गया। सिर्फ आदित्य ही नहीं, मैदानी अमले ने अपनी मेहनत से अप्रैल 2023 से फरवरी 2024 तक 121 अन्य कुपोषित बच्चों को भी कुपोषण के दंश से उबारा है।

साभार – जनसम्पर्क विभाग मध्यप्रदेश

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