Posted on 01 Dec, 2019 6:03 pm

 नगरीय निकाय आम चुनाव 2019 के दौरान वार्ड पार्षदों के निर्वाचन के लिये 30 नवम्बर से रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के समक्ष प्रत्याषी अपने नामांकन दाखिल करने का कार्य शुरू हो गया है। नामांकन की प्रक्रिया छह दिसम्बर तक चलेगी। नामांकन सुबह साढ़े दस बजे से दोपहर तीन बजे तक प्राप्त किये जायेंगे। इस बार अभ्यर्थियांे को अपने नाम निर्देशन पत्र के साथ छत्तीसगढ़ नगरपालिका निर्वाचन नियम 25 ‘‘क’’ में विहित प्ररूप में शपथ-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है, जिसमें अभ्यर्थी की आपराधिक पृष्ठभूमि, सम्पत्ति एवं दायित्वों तथा शैक्षणिक योग्यता की जानकारी होगी। अभ्यर्थी इस बार अधिकतम दो सेट में नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन जमा करने की तिथि को 21 वर्ष की आयु पूरी करने वाले अभ्यर्थी ही निर्वाचन के लिये पात्र होंगे। कोई भी प्रत्याशीएक से अधिक वार्डों से चुनाव नहीं लड़ पायेगा। वार्ड जिस वर्ग के लिये आरक्षित होगा उसी वर्ग का व्यक्ति उस वार्ड से पार्षद पद का चुनाव लड़ पायेगा। 
हर प्रत्याशी को जमा करनी होगी निर्वाचन निक्षेप राशि- नगरीय निकाय आम चुनाव में वार्ड पार्षद के लिये चुनाव में खड़े होने वाले सभी प्रत्याशियों को आयोग द्वारा निर्धारित की गई निक्षेप राशि जमा कर उसकी मूल रसीद नामांकन पत्र के साथ रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। नगर पंचायत के पार्षदों के लिये निक्षेप राशि एक हजार रूपये, नगर पालिका परिषद के पार्षदों के लिये तीन हजार रूपये निर्धारित की गई है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला प्रत्याशी की दशा में निक्षेप राशि में 50 प्रतिशत की छूट रहेगी। किन्तु इसके लिये सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। 
इन कारणों से हो सकता है नामांकन रद्द- आयोग द्वारा पार्षदों के चुनाव के लिये नामांकन भरने की स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की गई है। संबंधित नगरीय निकाय के किसी वार्ड की निर्वाचक नामावली में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी का नाम शामिल नहीं होने पर नामांकन अस्वीकृत किया जायेगा। नामांकन जमा करने की तिथि को 21 वर्ष से कम आयु के सभी प्रत्याशियों के नामांकन अस्वीकृत किये जायेंगे। छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 17 एवं 1961 की धारा 35 के तहत् जमाखोरी, मुनाफाखोरी, खाद्य एवं औषधि अपमिश्रण और दहेज प्रतिषेध अधिनियम में दोष सिद्ध पाये जाने पर भी संबंधित अभ्यर्थी का नामांकन अस्वीकृत होगा। दिवालिया घोषित अभ्यर्थियों का नामांकन भी अस्वीकृत किया जा सकेगा। शासन या स्थानीय प्राधिकारी की सेवा या शासकीय अभिभाषक, निगम या नगरीय निकाय के किसी कार्य में हित रखने वाले या एक वर्ष से अधिक अवधि से निगम या नगरीय निकाय का बकायादार होने पर भी संबंधित अभ्यर्थी का नामांकन अस्वीकृत कर दिया जायेगा। ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन के लिये निरर्हित अभ्यर्थी घोषित किया गया हो, चुनाव नहीं लड़ पायेंगे। नाम निर्देशन पत्र में अभ्यर्थी या प्रस्तावक के हस्ताक्षर नहीं होने, निर्धारित समयावधि में शपथ पत्र जमा नहीं करने और आरक्षित सीटों पर उपर्युक्त श्रेणी का अभ्यर्थी नहीं होने पर भी नाम निर्देशन पत्र अस्वीकृत किया जा सकेगा। 
छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1994 की धारा 24, 25, 25 ‘‘क’’ और 26 का पालन नहीं करने पर भी संबंधित अभ्यर्थियों के नामांकन अस्वीकृत किये जायेंगे। आयोग द्वारा नामांकन के लिये निर्धारित प्रारूप 3 मंे नाम निर्देशन प्राप्त नहीं होने, निर्धारित तिथि एवं स्थान पर नाम निर्देशन पत्र जमा नहीं करने, प्रारूप 3 ‘‘क’’ में शपथ पत्र जमा नहीं करने और निक्षेप राषि जमा करने की रसीद संलग्न नहीं करने पर भी अभ्यर्थियांे के नामांकन अस्वीकार किये जा सकेंगे।

साभार – जनसम्पर्क विभाग छत्तीसगढ़