Posted on 09 Sep, 2019 3:28 pm

भोपाल और रायसेन जिले के शहरी क्षेत्रों के 35,000 विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की उपस्थिति में आज यहाँ मंत्रालय में एच.ई.जी.लि. मंडीदीप और अक्षयपात्र फाउंडेशन तथा भोपाल एवं रायसेन जिला पंचायतों के बीच एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर हुए। अक्षयपात्र फाउंडेशन अत्याधुनिक किचन स्थापित करेगा और भोपाल एवं रायसेन के शहरी क्षेत्रों की शालाओं में मध्यान्ह भोजन पहुँचायेगा।

अत्याधुनिक किचन स्थापित करने के लिये एलएनजे भीलवाड़ा ग्रुप के चैयरमेन श्री रवि झुनझुनवाला ने एच.ई.जी.लि. मंडीदीप की ओर से सामाजिक दायित्व निभाते हुए अक्षय पात्र फाउंडेशन को 7.30 करोड़ रुपए की अनुदान राशि प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा बच्चों को भोजन देने के कार्य को नेक काम बताते हुए इस प्रयास की प्रशंसा की और अन्य जिलों में भी इसके विस्तार की संभावनाएँ तलाशने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने इस नेक काम में सहयोग देने के लिये एच.ई.जी. ग्रुप की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजन की कमी या अनुपलबधता के कारण शिक्षा में कमी आना या शिक्षा छूट जाना अप्रिय स्थिति है। राज्य सरकार प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये प्रतिबद्ध है।

एच.ई.जी.लि. की ओर से अध्यक्ष श्री रवि झुनझुनवाला, सी.ओ.ओ. श्री मनीष गुलाटी और अक्षयपात्र फाउंडेशन की ओर से  इसके उपाध्यक्ष श्री चंचलपति दास ने एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए। भोपाल जिला पंचायत की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सतीश कुमार एस. एवं रायसेन जिला पंचायत की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभि प्रसाद ने हस्ताक्षर किए।

उल्लेखनीय है कि अक्षय पात्र फाउंडेशन देश के 12 राज्यों की शासकीय शालाओं में 17.7 लाख बच्चों को मिड-डे मील कार्यक्रम के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुँचा रहा है। इसका लक्ष्य 50 लाख बच्चों को भोजन पहुँचाना है। यह काम 43 अत्याधुनिक किचन और वितरण के लिये विशेष वाहनों के माध्यम से किया जा रहा है। 

इस अवसर पर अक्षयपात्र फाउंडेशन की ओर से मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ का सम्मान किया गया। ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, भोपाल कलेक्टर श्री तरूण पिथौड़े एवं वरिष्ठ अधिकारी,  अक्षयपात्र फाउंडेशन की ओर से संचालक श्री भरताश्रभ दास तथा सलाहकार श्री रवीन्द्र चमेरिया उपस्थित थे।

साभार – जनसम्पर्क विभाग मध्यप्रदेश