Posted on 31 Mar, 2018 5:11 pm

प्रदेश में वर्ष 2017-18 में फरवरी तक जननी सुरक्षा योजना का लाभ 9 लाख 15 हजार महिलाओं को मिला है। इस अवधि में 167 करोड़ 57 लाख की राशि व्यय की गई। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने बताया कि संस्थागत प्रसव से प्रदेश में मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आयी है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंह ने बताया कि मातृ एवं नवजात शिशु मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से राज्य शासन ने वर्ष 2005 में जननी सुरक्षा योजना आरंभ की थी। इसमें शासकीय अस्पताल में प्रसव कराने वाली ग्रामीण क्षेत्र की महिला को 1400 रूपये और शहरी क्षेत्र के शासकीय अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिला को 1000 रूपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा शासकीय अस्पताल में प्रसव करवाने के लिए ग्रामीण महिला को प्रोत्साहित करने वाली आशा को 600 रूपये और शहरी क्षेत्र की आशा को 400 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली महिला का यदि घर में प्रसव होता है तो उसे भी 500 रूपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।

जननी सुरक्षा योजना का लाभ वर्ष 2014-15 में 8 लाख 86 हजार 765, वर्ष 2015-16 में 9 लाख 68 हजार 592 और वर्ष 2016-17 में 9 लाख 70 हजार 85 महिलाओं को मिला है। लाभान्वितों में 23 लाख 72 हजार 582 ग्रामीण और 4 लाख 52 हजार 860 शहरी महिलाएँ शामिल हैं।

साभार – जनसम्पर्क विभाग मध्यप्रदेश