No: 12598 Dated: Aug, 08 2024

उच्चतर पद का प्रभार देने के संबंध में

निदेशानुसार उपर्युक्त विषयक प्रासंगिक पत्र द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या - 19300 दिनांक 13.10.2023 के आलोक में प्रोन्नति के उच्चतर पद पर प्रभार प्राप्त करने के पश्चात लोक सेवकों के वेतन निर्धारण एवं विकल्प चयन की सुविधा के संबंध में कतिपय पृच्छाएँ की गयी हैं।

विदित हो कि वेतन निर्धारण मूलतः वित्त विभाग का विषय है। साथ हीं प्रासंगिक पत्र सामान्य प्रशासन विभाग एवं वित्त विभाग, बिहार, पटना दोनों को संबोधित कर प्रेषित किया गया है। अतएव वित्त विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक- 7818 दिनांक 22.07.2024 द्वारा सुझाए गए मंतव्य से सहमत होते हुए कतिपय पृच्छाओं पर स्थिति स्पष्ट की जा रही है, जो निम्नवत है -

(i) सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या - 19300 दिनांक 13.10.2023 के प्रावधान के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले सरकारी सेवक, जिन्हें पूर्व से वित्तीय उन्नयन प्राप्त है, उनके वेतन का निर्धारण एम०ए०सी०पी०एस० नियमावली के संगत प्रावधान के आलोक में किया जाना चाहिए। अर्थात प्रथम वित्तीय उन्नयन के पश्चात प्रथम प्रोन्नति स्तर/द्वितीय वित्तीय उन्नयन के पश्चात द्वितीय प्रोन्नति स्तर/तृतीय वित्तीय उन्नयन के पश्चात तृतीय प्रोन्नति स्तर के पद का कार्यकारी प्रभार प्राप्त होने पर एम०ए०सी०पी०एस० नियमावली, 2010 के परिशिष्ट-1 के नियम-4 के आलोक में कोई वेतन निर्धारण नहीं होगा और न ही विकल्प चयन करने का अवसर होगा, क्योंकि वित्तीय उन्नयन दिये जाने के क्रम में FR-22(1)(a)(i) के तहत वेतन निर्धारण का लाभ एवं विकल्प चयन करने का अवसर उन्हें प्राप्त हो चुका है।

(ii) यदि पूर्व में प्राप्त वित्तीय उन्नयन के पश्चात पदानुक्रम में प्राप्त प्रथम/द्वितीय/तृतीय प्रोन्नति स्तर के पद का कार्यकारी प्रभार का वेतन स्तर क्रमशः प्रथम/द्वितीय/तृतीय वित्तीय उन्नयन में पूर्व से प्राप्त वेतन स्तर से उच्चतर हो, तो प्रोन्नति के पदानुक्रम में उच्चतर पद के कार्यकारी प्रभार के तहत अनुमान्य संगत वेतन स्तर में समान वेतन प्रक्रम पर fit-in किया जायेगा। समान वेतन प्रक्रम उपलब्ध नहीं रहने पर ठीक ऊपर का वेतन प्रक्रम अनुमान्य होगा।

(iii) यदि किसी सरकारी सेवक को अपने पदानुक्रम में 10 वर्ष के पूर्व प्रथम प्रोन्नति स्तर के पद, 20 वर्ष के पूर्व द्वितीय प्रोन्नति स्तर के पद एवं 30 वर्ष के पूर्व तृतीय प्रोन्नति स्तर के पद का कार्यकारी प्रभार प्राप्त होता है, तो उसके वेतन का निर्धारण FR-22(1)(a) (i) के तहत होगा।

(iv) प्रथम वित्तीय उन्नयन के पश्चात् प्रथम प्रोन्नति स्तर के पद का कार्यकारी उच्चतर प्रभार प्राप्त होने पर वेतन निर्धारण का लाभ अनुमान्य नहीं है किन्तु 20 वर्ष के पूर्व द्वितीय/तृतीय प्रोन्नति स्तर का कार्यकारी प्रभार अथवा 30 वर्ष के पूर्व तृतीय प्रोन्नति स्तर के पद का कार्यकारी प्रभार प्राप्त होने पर FR-22 (1) (3) (1) के तहत वेतन का निर्धारण होगा।

(v) द्वितीय वित्तीय उन्नयन प्राप्त होने के पश्चात् सरकारी सेवक को प्रथम/द्वितीय प्रोन्नति स्तर के पद का कार्यकारी प्रभार प्राप्त होने पर वेतन निर्धारण का लाभ अनुमान्य नहीं है। किन्तु 30 वर्ष के पूर्व तृतीय प्रोन्नति स्तर के पद का कार्यकारी प्रभार प्राप्त होने पर FR-22(1)(a) (i) के तहत वेतन का निर्धारण होगा।

(vi) इसी प्रकार तृतीय वित्तीय उन्नयन के पश्चात् पदानुक्रम में चतुर्थ एवं आगे की प्रोन्नति स्तर के पद के पद का कार्यकारी प्रभार प्राप्त होने पर में FR-22(1)(a) (i) के तहत वेतन निर्धारण होगा।

यह भी स्पष्ट किया जाता है FR-22(1)(a) (i) के तहत वेतन निर्धारण होने की स्थिति में ही विकल्प चयन करने का अवसर प्राप्त होगा।

अतः अनुरोध है कि उपर्युक्त के आलोक में आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा की जाय।

सुलभ प्रसंग हेतु वित्त विभाग के पत्रांक - 7818 दिनांक - 22.07.2024 की छायाप्रति संलग्न है।

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