पदच्युति, निष्कासन या त्याग पत्र से जमा अवकाश पर प्रभाव
Updated: Dec, 21 2025
8. पदच्युति, निष्कासन या त्याग पत्र से जमा अवकाश पर प्रभाव -
(1) जहां शासकीय सेवक, पदच्युत या निष्कासित किया जाता है या शासकीय सेवा से त्याग पत्र दे देता है, तो ऐसी पदच्युति, निष्कासन या त्याग पत्र की दिनांक से जमा अवकाश का दावा स्वतः समाप्त हो जाएगा।
(2) जहां शासकीय सेवक अपने पैतृक कार्यालय अथवा विभाग के बाहर राज्य शासन के ही अधीन किसी अन्य पद के लिए आवेदन करे और यदि ऐसा आवेदन उचित माध्यम से अग्रेषित किया जाए तथा नया पद ग्रहण करने के पूर्व आवेदक से अपना पद त्याग करने को कहा जाए, तो ऐसे त्याग पत्र के कारण उसके लेखे मे जमा अवकाश स्वतः समाप्त नहीं होगा।
(3) जहां शासकीय सेवक सेवा से पदच्युत अथवा निष्कासित किया जाता है और फिर अपील या पुनरीक्षण पर पुनःस्थापित किया जाता है तो उसे, यथास्थिति, पदच्युति या निष्कासन के पूर्व की सेवा के अवकाश को गणना में लेने की पात्रता होगी तथा सेवा में व्यवधान की अवधि को सक्षम आदेश द्वारा विनियमित किया जा सकेगा।
(4) शासकीय सेवा जो क्षतिपूरक असमर्थता पेंशन या उपदान पर सेवानिवृत्त होकर पुनर्नियुक्त किया जाता है तथा उसकी पूर्व की सेवा पेंशन हेतु गणना की अनुमति दी जाती है, तो उसे अवकाश हेतु, उसकी पूर्व की सेवा को गणना में लेने की पात्रता होगी।
इसी प्रकार यदि शासकीय सेवक छंटनी के कारण राज्य शासन के ही एक विभाग से दूसरे विभाग में पदस्थ होता है एवं पिछली सेवा को मान्य किया जाता है, तब पिछली सेवा के अवकाश की भी आगे की सेवा में गणना होगी।