Updated: Dec, 21 2025

18. उस शासकीय सेवक को अवकाश, जिसके कार्य पर स्वस्थ होकर वापिस आने की कोई संभावना न हो -

(1) (क) जब कोई चिकित्सा प्राधिकारी यह राय प्रकट करे कि इसकी कोई संभावना नहीं है कि शासकीय सेवक कभी भी अपना कार्य ग्रहण करने के योग्य होगा, तो ऐसे शासकीय सेवक को सामान्य रूप से अवकाश अमान्य नहीं किया जाएगा।

(ख) यदि अवकाश की पात्रता हो, तो निम्नांकित शर्तो पर अवकाश स्वीकृत करने वाले सक्षम प्राधिकारी द्वारा अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है.-

(एक) यदि चिकित्सा प्राधिकारी निश्चित रूप से यह कहने में असमर्थ हो कि शासकीय सेवक फिर कभी भी सेवा हेतु योग्य नहीं होगा, तो कुल बारह महीनों से अनधिक अवधि का अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा और बिना किसी चिकित्सा अधिकारी के पुनः संदर्भित किए ऐसे अवकाश को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। 

(दो) यदि शासकीय सेवक को कोई चिकित्सा अधिकारी आगे सेवा के लिए पूर्णत: और स्थायी तौर पर अनुपयुक्त घोषित करे, तो चिकित्सा प्राधिकारी से प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद ही उसे अवकाश अथवा अवकाश में वृद्धि स्वीकृत की जाएगी, परन्तु चिकित्सा प्राधिकारी की सूचना की दिनांक से आगे कार्य की किसी अवधि के साथ अवकाश लेखे में विकलित अवकाश की अवधि छह महीने से अधिक नहीं होगी।

(2) शासकीय सेवक, जिसे चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा आगे की सेवा हेतु पूर्णतः तथा स्थायी रूप से अनुपयुक्त घोषित किया गया है -

(क) यदि वह कर्तव्य पर है, तो उसके कर्तव्यों से कार्यमुक्त होने की दिनांक से सेवा से अनुपयुक्त माना जाएगा, जिसकी व्यवस्था चिकित्सा प्राधिकारी की रिपोर्ट की प्राप्ति पर अविलम्ब की जानी चहिए। यदि उसे उपनियम (1) के अधीन अवकाश स्वीकृत किया गया है, तो ऐसे अवकाश की समाप्ति पर अनुपयुक्त माना जाएगा।

(ख) यदि वह पहले से अवकाश पर है और यदि उसे उपनियम (1) के अधीन कोई अवकाश अथवा अवकाश में वृद्धि स्वीकृत की गई है, तो उसे उसकी समाप्ति पर सेवा से अनुपयुक्त माना जाएगा।