प्रसूति (मातृत्व अवकाश)
Updated: Dec, 22 2025
अध्याय-5
अध्ययन अवकाश के अलावा विशेष प्रकार के अवकाश
36. प्रसूति (मातृत्व अवकाश) -
(1) महिला शासकीय सेवक, जिसकी दो से कम जीवित संतान हैं, को 180 दिन की अवधि तक प्रसूति अवकाश, प्रसूति के प्रारंभ होने की दिनांक से स्वीकृत किया जा सकेगा। ऐसी अवधि में वह उस वेतन के बराबर अवकाश वेतन की पात्र होगी, जो उसने अवकाश पर प्रस्थान करने के तुरन्त पूर्व प्राप्त किया है।
(2) यह अवकाश लेखा में विकलित नहीं होगा ।
(3) प्रसूति अवकाश किसी अन्य प्रकार के अवकाश के साथ संयोजित किया जा सकेगा।
(4) यह अवकाश विभाजित कर नहीं लिया जा सकेगा।
(5) महिला शासकीय सेवक को पूरे सेवाकाल में गर्भपात सहित गर्भस्त्राव के मामले में अधिकतम 45 दिनों तक का प्रसूति अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा। यह अवकाश चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा अनुशंसित अवधि तक सीमित होगा।
टिप्पणी - मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रिगनेन्सी एक्ट, 1971 के अधीन उत्प्रेरित गर्भपात भी, इस नियम के प्रयोजनार्थ "गर्भपात" समझा जाएगा।
(6) चिकित्सा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए बिना, प्रसूति अवकाश के साथ 60 दिन तक का लघुकृत अवकाश एवं अदेय अवकाश, यदि आवेदित किया जाए, तो स्वीकृत किया जा सकेगा।
(एक) यदि उनमें से कोई एक या दोनों शासकीय सेवक हैं।
(दो) कमीशनिंग माँ, को प्रसूति अवकाश की पात्रता, संतान के उत्पन्न होने की तिथि से होगी।
नोट- 'सरोगेट मां' से अभिप्रेत है वह महिला, जो कमीशनिंग मां की ओर से संतान को जन्म देती है।