Updated: Dec, 23 2025

अध्याय-सात

सेवानिवृत्ति पर अवकाश का नकदीकरण

57. सेवानिवृत्ति, अनिवार्य सेवानिवृत्ति, असमर्थता पेंशन पर या सेवा में रहते मृत्यु हो पर बकाया अवकाश का नकदीकरण.-

(1) (क) जब शासकीय सेवक की उसकी सेवा शर्तों के अनुसार सेवानिवृत्ति हेतु निर्धारित आयु पूर्ण करने पर अथवा अनिवार्य सेवानिवृत्ति, स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति, असमर्थता पेंशन पर सेवानिवृत्त अथवा सेवा में रहते हुए मृत्यु होती है, तो अवकाश स्वीकृत करने वाला सक्षम प्राधिकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति की तिथि को उसके लेखे में शेष अर्जित अवकाश एवं अर्धवेतन अवकाश, यदि कोई हो (दोनों अवकाश के योग का अधिकतम 300 दिन), के लिए आदेश पारित करेगा, कि उक्त अवधि हेतु उसे अवकाश वेतन की राशि दी जाए।

(ख) उपरोक्त (क) में अवकाश नगदीकरण की राशि की गणना निम्नानुसार होगी, जो उसे एकमुश्त देय होगी-

गणना का सूत्र - 

अर्जित अवकाश हेतु देय राशि  

(सेवानिवृत्ति दिनांक को वेतन + महंगाई भत्ता) x अनुपभोगित अर्जित अवकाश (अधिकतम 300 दिन) / 30

अर्धवेतन अवकाश के समतुल्य देय राशि

(सेवानिवृत्ति दिनांक को देय अर्ध वेतन अवकाश वेतन एवं उस पर देय महंगाई भत्ता) x अर्धवेतन

= अवकाश की पात्रता जो अर्जित अवकाश के अवशेष सहित 300 दिवस से अनधिक हो / 30

 

नोट 1- अर्जित अवकाश एवं अर्धवेतन अवकाश के समर्पण हेतु अधिकतम पात्रता 300 दिवस है।

नोट 2 - अर्जित अवकाश की संख्या से कमी के लिए अर्धवेतन अवकाश के दिनों का सारांशीकरण मान्य नहीं है।

नोट 3 - उपनियम (1) के उपबंध दिनांक 31 दिसम्बर, 2025 के पश्चात् सेवानिवृत्त या मृत शासकीय सेवकों पर प्रभावशील होंगे।

(2) यदि सेवानिवृत्ति हेतु निर्धारित आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने वाला शासकीय सेवक, सेवानिवृत्ति के समय निलंबित हो या उसके विरूद्ध कोई अनुशासनात्मक या आपराधिक काईवाई चालू हो, जिसका निर्णय शेष हो तथा यह संभावना हो कि ऐसी कार्यवाही पूर्ण होने पर कुछ राशि वसूली योग्य हो सकती है, तो अवकाश स्वीकृत करने हेतु सक्षम प्राधिकारी यह राशि पूर्णतः या अंशतः रोक सकेगा, जो उसके विरुद्ध प्रकरणों के निराकरण पश्चात शासकीय राशि के समायोजन पश्चात (यदि कोई देय हो) उसे भुगतान की जा सकेगी।

(3) अवकाश वेतन के बराबर राशि का भुगतान यदि शासकीय सेवक की मृत्यु उसकी सेवानिवृति पश्चात या सेवा समाप्ति उपरांत होती है तथा अवकाश वेतन का भुगतान नहीं हो पाता तो उसका भुगतान निम्नांकित क्रम से देय होगा-

(एक) मृत शासकीय सेवक की पत्नी / पति (जैसी भी स्थिति हो);

(दो) उपरोक्त (एक) न होने पर समस्त जीवित संतानों (गोद ली हुई संतान सम्मिलित) को समान रूप से;

(तीन) उपरोक्त (एक) एवं (दो) न होने पर माता को;

(चार) उपरोक्त (एक) से (तीन) न होने पर पिता को;

(पांच) उपरोक्त एक (एक) से (चार) न होने पर जीवित भाईयों एवं बहनों को समान रूप से;

(छह) उपरोक्त (एक) से (पांच) न होने पर सबसे बड़े मृत पुत्र की जीवित संतानों को समान रूप से।