Updated: Dec, 21 2025

12. अवकाश पर रहते हुए सेवा या नियोजन स्वीकार करना.-

(1) कोई भी शासकीय सेवक (उस शासकीय सेवक के अलावा, जिसे सीमित निजी व्यवसाय करने की अनुमति दी गई है अथवा जिसे सामयिक साहित्यिक कार्य या परीक्षक के रूप में सेवा अथवा ऐसे ही अन्य कार्य करने की अनुमति दी गई है) अवकाश पर रहते हुए, अन्य कहीं कोई सेवा अथवा नियोजन स्वीकार या निजी व्यवसाय स्थापित, जिसमें सनदी लेखाकार, विधिक या मेडिकल प्रेक्टिशनर के रूप में परामर्शदाता भी सम्मिलित है, बिना निम्नांकित की पूर्व स्वीकृति प्राप्त किए, नहीं करेगा.-

(क) राज्यपाल की, यदि प्रस्तावित सेवा अथवा नियोजन भारत के बाहर अन्य कहीं है, अथवा

(ख) राज्य शासन की, यदि प्रस्तावित सेवा अथवा नियोजन भारत में है।

(2) अवकाश पर रहते हुए किसी शासकीय सेवक को साधारणतः अन्य कोई सेवा नियोजन ग्रहण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।