अवकाश विभागों के अलावा अन्य विभागों में सेवारत शासकीय सेवकों को अर्जित अवकाश
Updated: Dec, 21 2025
अध्याय चार
देय एवं ग्राहय अवकाशों के प्रकार
25. अवकाश विभागों के अलावा अन्य विभागों में सेवारत शासकीय सेवकों को अर्जित अवकाश.-
(1) (क) शासकीय सेवक, जो अवकाश विभागों के अलावा अन्य विभाग में कार्यरत है, को प्रत्येक कैलेण्डर वर्ष में 30 दिनों के अर्जित अवकाश की पात्रता होगी;
(ख) प्रत्येक वर्ष पहली जनवरी तथा पहली जुलाई को प्रत्येक शासकीय सेवक के अवकाश लेखे में 15-15 दिनों का दो किश्तों में अग्रिम में अर्जित अवकाश जमा किया जाएगा;
(ग) पिछली छह माही की समाप्ति पर शासकीय सेवक के लेखे में जमा अवकाश को इस शर्त के अधीन आगे बढ़ाया जाएगा कि इस तरह बढ़ाए गए अवकाश तथा छह माही में जमा होने वाले अवकाश का योग 300 दिन की सीमा से अधिक न हो:
परन्तु जहां दिसंबर अथवा जून के अंतिम दिन को शासकीय सेवक के लेखे में अर्जित अवकाश 300 दिन अथवा उससे कम किन्तु 285 दिन से अधिक शेष है, तो जनवरी या जुलाई के प्रथम दिन, 15 दिन का अर्जित अवकाश अग्रिम में चरण (ख) में उल्लिखित विधि के अनुसार जमा करने के बजाय अवकाश लेखा में पृथक से रखा जाएगा तथा शासकीय सेवक द्वारा उस अर्द्ध वार्षिक अवधि के दौरान लिए गए अर्जित अवकाश के विरूद्ध पहले समायोजित होगा, तथा शेष, यदि कोई बचे, अर्द्ध वर्ष की समाप्ति पर अवकाश लेखा में, इस शर्त के अध्यधीन रहते हुए कि ऐसे अर्जित अवकाश का शेष 300 दिन, पूर्व से जमा शेष 300 दिन की अधिकतम सीमा से अधिक नहीं हो, जमा किया जाएगा।
जब कोई शासकीय सेवक पात्र पदग्रहण काल का लाभ लिए बिना नए पद पर कार्य ग्रहण करता है, तब पद ग्रहण काल नियम के सुसंगत नियम के अनुसार उपभोग नहीं की गई कार्य ग्रहण काल की अवधि अर्जित अवकाश में जोड़ी जाएगी, परन्तु अवकाश लेखे में शेष अवकाश तथा पद ग्रहण काल की उपभोग नहीं की गई अवधि का योग 300 दिन से अधिक नहीं होगा।
(2) उपनियम (3) के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए, अधिकतम अर्जित अवकाश, जो एक समय में किसी शासकीय सेवक को स्वीकृत किया जाएगा, वह 180 दिनों से अधिक नहीं होगा:
परन्तु विशेष स्थिति, जिसे अभिलिखित किया जाए, में शासकीय सेवक उनके लेखे में शेष अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है।
(3) किसी शासकीय सेवक को 180 दिनों से अधिक परन्तु 300 दिनों से अनधिक अर्जित अवकाश तभी स्वीकृत किया जाएगा, यदि वह इस प्रकार स्वीकृत सम्पूर्ण अवकाश अथवा उसका कोई भाग भारत से बाहर व्यतीत करता है:
परन्तु जहां अर्जित अवकाश इस उपनियम के अधीन 180 दिन से अधिक स्वीकृत किया जाता है, तो भारत में व्यतीत ऐसे अवकाश की अवधि मिलाकर 180 दिन की उपरोक्त सीमा से अधिक नहीं होगी।