अवकाश विभागों में सेवा करने वाले शैक्षणिक शासकीय सेवक के लिए अर्जित अवकाश
Updated: Dec, 21 2025
27. अवकाश विभागों में सेवा करने वाले शैक्षणिक शासकीय सेवक के लिए अर्जित अवकाश.-
(1) (क) प्रत्येक शैक्षणिक शासकीय सेवक, जो अवकाश विभाग में कार्य कर रहे हैं, के अवकाश लेखे में प्रत्येक कलैंडर वर्ष के जनवरी और जुलाई के प्रथम दिन पांच दिनों की दो किश्तों में अर्जित अवकाश अग्रिम में जमा किया जाएगा;
(ख) किसी ऐसे वर्ष के संबंध में जिसके लिए कोई शासकीय सेवक अवकाश के एक भाग का उपभोग कर लेता है तो वह पूर्ण अवकाश दिनों में से उपभोग नहीं किए गए अवकाश दिनों के बीस दिन के अनुपात अतिरिक्त अर्जित अवकाश का पात्र होगा:
परन्तु एक कलैंडर वर्ष में जमा किया गया कुल अर्जित अवकाश, तीस दिन से अधिक नहीं होगा:
परन्तु यह और कि उपर्युक्त हेतु विश्रामावकाश की अवधि में से न्यूनतम 10 दिवस कार्य करना आवश्यक है।
उदाहरण- अवकाश दिवस में सेवा करने वाले शैक्षणिक संवर्ग के शासकीय सेवक के पूर्ण अवकाश के दिनों की संख्या यदि 45 दिवस है एवं उपभोग नहीं किए गए दिवस की संख्या 15 है, तो ऐसी स्थिति में अवकाश दिनों के 20 दिन (अन्य शासकीय सेवकों को पात्र अर्जित अवकाश (30) एवं विश्रामावकाश विभाग के शैक्षणिक संवर्ग को पात्र अर्जित अवकाश (10) का अन्तर), के अनुपात में 7 दिवस के अतिरिक्त अर्जित अवकाश की पात्रता होगी, जो उस वर्ष के कुल अर्जित अवकाश 30 दिनों तक सीमित होगी ।
(एक) पूर्ण अवकाश के दिनों की संख्या = 45 दिन
(दो) उपभोग नहीं किए गए दिनों की संख्या = 15 दिन
(तीन) अर्जित अवकाश (20 दिन) के अनुपात में पात्रता {15/45x20} = 7 दिन (पूर्णांकित)
(ग) यदि किसी वर्ष में किसी शैक्षणिक शासकीय सेवक ने अवकाश का उपभोग नहीं किया है, तो अर्जित अवकाश खंड (क) और (ख) के बजाए नियम 25 के अनुसार होगी।
स्पष्टीकरण- इस नियम के प्रयोजन हेतु 'वर्ष' का अभिप्राय उस कैलेण्डर वर्ष से नहीं लगाया जाएगा जिसमें ड्यूटी की जाती है, बल्कि विश्रामावकाश विभाग में 12 महिनों की वास्तविक ड्यूटी से लगाया जाएगा।
टिप्पणी- (1) जब तक कि उच्च अधिकारी के सामान्य या विशेष आदेश द्वारा किसी शासकीय सेवक को विश्रामावकाश या उसके भाग का लाभ उठाने से वंचित नहीं किया जाता है, तब तक यह माना जाएगा कि विश्रामावकाश के पात्र शासकीय सेवक ने विश्रामावकाश या उसके भाग का लाभ उठाया है।
टिप्पणी- (2) जब विश्रामावकाश विभाग में सेवारत कोई शैक्षणिक शासकीय सेवक, सेवा का एक वर्ष पूरा करने के पहले ही अवकाश पर जाता है, तो उसको स्वीकार्य अर्जित अवकाश की गणना उस विश्रामावकाश से नहीं की जाएगी जो अवकाश पर जाने के पूर्व उपलब्ध थी, बल्कि उस विश्रामावकाश से की जाएगी जो वास्तविक कर्तव्य अवधि में पड़ती है।
(2) विश्रामावकाश को इन नियमों में वर्णित किसी अवकाश के साथ जोड़कर लिया जा सकेगा:
परन्तु विश्रामावकाश तथा अर्जित अवकाश का योग, चाहे अर्जित अवकाश को किसी अवकाश के संलग्न या अन्य अवकाश से जोड़कर लिया हो, नियम 25 के अन्तर्गत एक समय में अधिकतम देय अवकाश की सीमा से अधिक नहीं होगा ।
(3) शासकीय सेवक के पिछली छह माही के अन्त में अवशेष अर्जित अवकाश को अगली छह माही के लिए देय अर्जित अवकाश में जोड़ा जाएगा, लेकिन इस प्रकार आगे दी गई तथा अगली छह माही के अवकाश का योग, उन अर्जित अवकाश के दिनों को जोड़कर, अधिकतम सीमा 300 दिन से अधिक नहीं होगा।
नोट- विश्रामावकाश विभाग में कार्यरत शैक्षणिक शासकीय सेवक को, शेष पदग्रहण काल को अर्जित अवकाश में जोड़ने का लाभ नियम 25 के अनुसार मिलेगा।