त्याग पत्र तथा सेवानिवृति
Updated: Dec, 22 2025
52. त्याग पत्र तथा सेवानिवृति.-
(1) यदि कोई शासकीय सेवक अध्ययन अवकाश अवधि की समाप्ति के पश्चात बिना कर्तव्य पर वापस लौटे अथवा ऐसे कर्तव्य पर वापस लौटने के बाद पांच वर्ष की अवधि के भीतर सेवा से त्याग पत्र दे देता है अथवा सेवानिवृत्त होता है, तो उससे अपेक्षा होगी कि वह अवकाश वेतन, शुल्क का मूल्य, यात्रा भत्ता तथा राज्य सरकार द्वारा किए गए अथवा अध्ययन अवकाश के दौरान उसके द्वारा आहरित अन्य व्यय, यदि कोई हो, मांग के दिनांक से शासकीय ऋण पर, तत्समय प्रचलित दरों पर ब्याज के साथ उसका त्याग पत्र स्वीकृत करने के पूर्व अथवा सेवानिवृत्त होने की अनुमति देने के पूर्व दोगुनी राशि लौटाएगा -
(क) शासकीय सेवक जिसे अध्ययन अवकाश से वापस कर्तव्य पर लौटने पर चिकित्सा प्रमाण-पत्र के आधार पर सेवानिवृत्त होने की अनुमति दी गई है, उसे इस नियम के कोई उपबंध लागू नहीं होंगे;
(ख) शासकीय सेवक जिसे अध्ययन अवकाश से वापस कर्तव्य पर लौटने पर सेवा से त्यागपत्र देने तथा शासन के नियंत्रणाधीन किसी स्वायत्त या विधिक निकाय या संस्था में नौकरी करने की अनुमति दी गई है, तो इस नियम के अनुसार वापस की जाने वाली राशि जो शासन द्वारा अवकाश वेतन, अध्ययन भत्ता, फीस, यात्रा भत्ता तथा अन्य व्यय के रूप में उस पर अध्ययन अवकाश के दौरान व्यय की गई थी, ब्याज सहित माफ की जा सकेगी।
(2) ऐसे शासकीय सेवक द्वारा उपभोग किया गया अध्ययन अवकाश, अध्ययन अवकाश प्रारंभ होने के दिनांक को उसके लेखे में जमा नियमित अवकाश में परिवर्तित किया जाएगा तथा अध्ययन अवकाश के साथ लिया गया कोई नियमित अवकाश इस प्रयोजन हेतु उपयुक्त तरीके से समायोजित किया जाएगा अध्ययन अवकाश की शेष रही कोई अवधि, यदि कोई हो, जिसे इस प्रकार परिवर्तित नहीं किया जा सकता है, असाधारण अवकाश की भांति समझी जाएगी। उपनियम (1) के अधीन शासकीय सेवक द्वारा वापस लौटाई जाने वाली राशि के अलावा, उससे अपेक्षा होगी कि वह अध्ययन अवकाश के परिवर्तन के फलस्वरूप स्वीकार्य अवकाश वेतन से अधिक वास्तविक रूप से आहरित अवकाश वेतन का कोई आधिक्य वापस लौटाए।
(3) इन नियमों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी राज्यपाल या तो शासन के हित में अथवा प्रकरण अथवा प्रकरणों के वर्गों की विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखकर, यदि ऐसा किया जाना आवश्यक अथवा उचित प्रतीत हो, तो आदेश द्वारा संबंधित शासकीय सेवक या शासकीय सेवकों के वर्गों द्वारा उपनियम (1) के अध्यधीन लौटाई जाने वाली अपेक्षित राशि का अधित्याग अथवा उसमें कमी कर सकते हैं।